श्रीः तन्त्र

तंत्र से लक्ष्मी प्राप्ति के प्रयोग

नागेश्वर तंत्रः
नागेश्वर को प्रचलित भाषा में ‘नागकेसर’ कहते हैं। काली मिर्च के समान गोल, गेरु के रंग का यह गोल फूल घुण्डीनुमा होता है। पंसारियों की दूकान से आसानी से प्राप्त हो जाने वाली नागकेसर शीतलचीनी (कबाबचीनी) के आकार से मिलता-जुलता फूल होता है। यही यहाँ पर प्रयोजनीय माना गया है।
१॰ किसी भी पूर्णिमा के दिन बुध की होरा में गोरोचन तथा नागकेसर खरीद कर ले आइए। बुध की होरा काल में ही कहीं से अशोक के वृक्ष का एक अखण्डित पत्ता तोड़कर लाइए। गोरोचन तथा नागकेसर को दही में घोलकर पत्ते पर एक स्वस्तिक चिह्न बनाएँ। जैसी भी श्रद्धाभाव से पत्ते पर बने स्वस्तिक की पूजा हो सके, करें। एक माह तक देवी-देवताओं को धूपबत्ती दिखलाने के साथ-साथ यह पत्ते को भी दिखाएँ। आगामी पूर्णिमा को बुध की होरा में यह प्रयोग पुनः दोहराएँ। अपने प्रयोग के लिये प्रत्येक पुर्णिमा को एक नया पत्ता तोड़कर लाना आवश्यक है। गोरोचन तथा नागकेसर एक बार ही बाजार से लेकर रख सकते हैं। पुराने पत्ते को प्रयोग के बाद कहीं भी घर से बाहर पवित्र स्थान में छोड़ दें।
२॰ किसी शुभ-मुहूर्त्त में नागकेसर लाकर घर में पवित्र स्थान पर रखलें। सोमवार के दिन शिवजी की पूजा करें और प्रतिमा पर चन्दन-पुष्प के साथ नागकेसर भी अर्पित करें। पूजनोपरान्त किसी मिठाई का नैवेद्य शिवजी को अर्पण करने के बाद यथासम्भव मन्त्र का भी जाप करें ‘ॐ नमः शिवाय’। उपवास भी करें। इस प्रकार २१ सोमवारों तक नियमित साधना करें। वैसे नागकेसर तो शिव-प्रतिमा पर नित्य ही अर्पित करें, किन्तु सोमवार को उपवास रखते हुए विशेष रुप से साधना करें। अन्तिम अर्थात् २१वें सोमवार को पूजा के पश्चात् किसी सुहागिनी-सपुत्रा-ब्राह्मणी को निमन्त्रण देकर बुलाऐं और उसे भोजन, वस्त्र, दान-दक्षिणा देकर आदर-पूर्वक विदा करें।
इक्कीस सोमवारों तक नागकेसर-तन्त्र द्वारा की गई यह शिवजी की पूजा साधक को दरिद्रता के पाश से मुक्त करके धन-सम्पन्न बना देती है।

३॰ पीत वस्त्र में नागकेसर, हल्दी, सुपारी, एक सिक्का, ताँबे का टुकड़ा, चावल पोटली बना लें। इस पोटली को शिवजी के सम्मुख रखकर, धूप-दीप से पूजन करके सिद्ध कर लें फिर आलमारी, तिजोरी, भण्डार में कहीं भी रख दें। यह धनदायक प्रयोग है। इसके अतिरिक्त “नागकेसर” को प्रत्येक प्रयोग में “ॐ नमः शिवाय” से अभिमन्त्रित करना चाहिए।

 

४॰ कभी-कभी उधार में बहुत-सा पैसा फंस जाता है। ऐसी स्थिति में यह प्रयोग करके देखें-
किसी भी शुक्ल पक्ष की अष्टमी को रुई धुनने वाले से थोड़ी साफ रुई खरीदकर ले आएँ। उसकी चार बत्तियाँ बना लें। बत्तियों को जावित्री, नागकेसर तथा काले तिल (तीनों अल्प मात्रा में) थोड़ा-सा गीला करके सान लें। यह चारों बत्तियाँ किसी चौमुखे दिए में रख लें। रात्रि को सुविधानुसार किसी भी समय दिए में तिल का तेल डालकर चौराहे पर चुपके से रखकर जला दें। अपनी मध्यमा अंगुली का साफ पिन से एक बूँद खून निकाल कर दिए पर टपका दें। मन में सम्बन्धित व्यक्ति या व्यक्तियों के नाम, जिनसे कार्य है, तीन बार पुकारें। मन में विश्वास जमाएं कि परिश्रम से अर्जित आपकी धनराशि आपको अवश्य ही मिलेगी। इसके बाद बिना पीछे मुड़े चुपचाप घर लौट आएँ। अगले दिन सर्वप्रथम एक रोटी पर गुड़ रखकर गाय को खिला दें। यदि गाय न मिल सके तो उसके नाम से निकालकर घर की छत पर रख दें।

 

५॰ जिस किसी पूर्णिमा को सोमवार हो उस दिन यह प्रयोग करें। कहीं से नागकेसर के फूल प्राप्त कर, किसी भी मन्दिर में शिवलिंग पर पाँच बिल्वपत्रों के साथ यह फूल भी चढ़ा दीजिए। इससे पूर्व शिवलिंग को कच्चे दूध, गंगाजल, शहद, दही से धोकर पवित्र कर सकते हो। तो यथाशक्ति करें। यह क्रिया अगली पूर्णिमा तक निरन्तर करते रहें। इस पूजा में एक दिन का भी नागा नहीं होना चाहिए। ऐसा होने पर आपकी पूजा खण्डित हो जायेगी। आपको फिर किसी पूर्णिमा के दिन पड़नेवाले सोमवार को प्रारम्भ करने तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। इस एक माह के लगभग जैसी भी श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना बन पड़े, करें। भगवान को चढ़ाए प्रसाद के ग्रहण करने के उपरान्त ही कुछ खाएँ। अन्तिम दिन चढ़ाए गये फूल तथा बिल्वपत्रों में से एक अपने साथ श्रद्धाभाव से घर ले आएँ। इन्हें घर, दुकान, फैक्ट्री कहीं भी पैसे रखने के स्थान में रख दें। धन-सम्पदा अर्जित कराने में नागकेसर के पुष्प चमत्कारी प्रभाव दिखलाते हैं।

 

मार्जारी तंत्र :

मार्जारी अर्थात्‌ बिल्ली सिंह परिवार का जीव है। केवल आकार का अंतर इसे सिंह से पृथक करता है, अन्यथा यह सर्वांग में, सिंह का लघु संस्करण ही है। मार्जारी अर्थात्‌ बिल्ली की दो श्रेणियाँ होती हैं- पालतू और जंगली। जंगली को वन बिलाव कहते हैं। यह आकार में बड़ा होता है, जबकि घरों में घूमने वाली बिल्लियाँ छोटी होती हैं। वन बिलाव को पालतू नहीं बनाया जा सकता, किन्तु घरों में घूमने वाली बिल्लियाँ पालतू हो जाती हैं। अधिकाशतः यह काले रंग की होती हैं, किन्तु सफेद, चितकबरी और लाल (नारंगी) रंग की बिल्लियाँ भी देखी जाती हैं। 

घरों में घूमने वाली बिल्ली (मादा) भी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कराने में सहायक होती है, किन्तु यह तंत्र प्रयोग दुर्लभ और अज्ञात होने के कारण सर्वसाधारण के लिए लाभकारी नहीं हो पाता। वैसे यदि कोई व्यक्ति इस मार्जारी यंत्र का प्रयोग करे तो निश्चित रूप से वह लाभान्वित हो सकता है।

गाय, भैंस, बकरी की तरह लगभग सभी चौपाए मादा पशुओं के पेट से प्रसव के पश्चात्‌ एक झिल्ली जैसी वस्तु निकलती है। वस्तुतः इसी झिल्ली में गर्भस्थ बच्चा रहता है। बच्चे के जन्म के समय वह भी बच्चे के साथ बाहर आ जाती है। यह पॉलिथीन की थैली की तरह पारदर्शी लिजलिजी, रक्त और पानी के मिश्रण से तर होती है। सामान्यतः यह नाल या आँवल कहलाती हैं। 

इस नाल को तांत्रिक साधना में बहुत महत्व प्राप्त है। स्त्री की नाल का उपयोग वन्ध्या अथवा मृतवत्सा स्त्रियों के लिए परम हितकर माना गया है। वैसे अन्य पशुओं की नाल के भी विविध उपयोग होते हैं। यहाँ केवल मार्जारी (बिल्ली) की नाल का ही तांत्रिक प्रयोग लिखा जा रहा है, जिसे सुलभ हो, इसका प्रयोग करके लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकता है।

जब पालतू बिल्ली का प्रसव काल निकट हो, उसके लिए रहने और खाने की ऐसी व्यवस्था करें कि वह आपके कमरे में ही रहे। यह कुछ कठिन कार्य नहीं है, प्रेमपूर्वक पाली गई बिल्लियाँ तो कुर्सी, बिस्तर और गोद तक में बराबर मालिक के पास बैठी रहती हैं। उस पर बराबर निगाह रखें। जिस समय वह बच्चों को जन्म दे रही हो, सावधानी से उसकी रखवाली करें। बच्चों के जन्म के तुरंत बाद ही उसके पेट से नाल (झिल्ली) निकलती है और स्वभावतः तुरंत ही बिल्ली उसे खा जाती है। बहुत कम लोग ही उसे प्राप्त कर पाते हैं। 
अतः उपाय यह है कि जैसे ही बिल्ली के पेट से नाल बाहर आए, उस पर कपड़ा ढँक दें। ढँक जाने पर बिल्ली उसे तुरंत खा नहीं सकेगी। चूँकि प्रसव पीड़ा के कारण वह कुछ शिथिल भी रहती है, इसलिए तेजी से झपट नहीं सकती। जैसे भी हो, प्रसव के बाद उसकी नाल उठा लेनी चाहिए। फिर उसे धूप में सुखाकर प्रयोजनीय रूप दिया जाता है। 

धूप में सुखाते समय भी उसकी रखवाली में सतर्कता आवश्यक है। अन्यथा कौआ, चील, कुत्ता आदि कोई भी उसे उठाकर ले जा सकता है। तेज धूप में दो-तीन दिनों तक रखने से वह चमड़े की तरह सूख जाएगी। सूख जाने पर उसके चौकोर टुकड़े (दो या तीन वर्ग इंच के या जैसे भी सुविधा हो) कर लें और उन पर हल्दी लगाकर रख दें। हल्दी का चूर्ण अथवा लेप कुछ भी लगाया जा सकता है। इस प्रकार हल्दी लगाया हुआ बिल्ली की नाल का टुकड़ा लक्ष्मी यंत्र का अचूक घटक होता है।

तंत्र साधना के लिए किसी शुभ मुहूर्त में स्नान-पूजा करके शुद्ध स्थान पर बैठ जाएँ और हल्दी लगा हुआ नाल का सीधा टुकड़ा बाएँ हाथ में लेकर मुट्ठी बंद कर लें और लक्ष्मी, रुपया, सोना, चाँदी अथवा किसी आभूषण का ध्यान करते हुए 54 बार यह मंत्र पढ़ें- ‘मर्जबान उल किस्ता’।

इसके पश्चात्‌ उसे माथे से लगाकर अपने संदूक, पिटारी, बैग या जहाँ भी रुपए-पैसे या जेवर हों, रख दें। कुछ ही समय बाद आश्चर्यजनक रूप से श्री-सम्पत्ति की वृद्धि होने लगती है। इस नाल यंत्र का प्रभाव विशेष रूप से धातु लाभ (सोना-चाँदी की प्राप्ति) कराता है। 

दूर्वा तंत्र :
दूर्वा अर्थात्‌ दूब एक विशेष प्रकार की घास है। आयुर्वेद, तंत्र और अध्यात्म में इसकी बड़ी महिमा बताई गई है। देव पूजा में भी इसका प्रयोग अनिवार्य रूप से होता है। गणेशजी को यह बहुत प्रिय है। साधक किसी दिन शुभ मुहूर्त में गणेशजी की पूजा प्रारंभ करे और प्रतिदिन चंदन, पुष्प आदि के साथ प्रतिमा पर 108 दूर्वादल (दूब के टुकड़े) अर्पित करे। धूप-दीप के बाद गुड़ और गिरि का नैवेद्य चढ़ाना चाहिए। इस प्रकार प्रतिदिन दूर्वार्पण करने से गणेशजी की कृपा प्राप्त हो सकती है। ऐसा साधक जब कभी द्रव्योपार्जन के कार्य से कहीं जा रहा हो तो उसे चाहिए कि गणेश प्रतिमा पर अर्पित दूर्वादलों में से 5-7 दल प्रसाद स्वरूप लेकर जेब में रख ले। यह दूर्वा तंत्र कार्यसिद्धि की अद्‍भुत कुंजी है।

अश्व (वाहन) नाल तंत्र : 

नाखून और तलवे की रक्षा के लिए लोग प्रायः घोड़े के पैर में लोहे की नाल जड़वा देते हैं, क्योंकि उन्हें प्रतिदिन पक्की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है। यह नाल भी बहुत प्रभावी होती है। दारिद्र्य निवारण के लिए इसका प्रयोग अनेक प्राचीन ग्रंथों में वर्णित है।

घोड़े की नाल तभी प्रयोजनीय होती है, जब वह अपने आप घोड़े के पैर से उखड़कर गिरी हो और शनिवार के दिन किसी को प्राप्त हो। अन्य दिनों में मिली नाल प्रभावहीन मानी जाती है। शनिवार को अपने आप, राह चलते कहीं ऐसी नाल दिख जाए, भले ही वह घोड़े के पैर से कभी भी गिरी हो उसे प्रणाम करके ‘ॐ श्री शनिदेवाय नमः’ का उच्चारण करते हुए उठा लेना चाहिए।

शनिवार को इस प्रकार प्राप्त नाल लाकर घर में न रखें, उसे बाहर ही कहीं सुरक्षित छिपा दें। दूसरे दिन रविवार को उसे लाकर सुनार के पास जाएँ और उसमें से एक टुकड़ा कटवाकर उसमें थोड़ा सा तांबा मिलवा दें। ऐसी मिश्रित धातु (लौह-ताम्र) की अंगूठी बनवाएँ और उस पर नगीने के स्थान पर ‘शिवमस्तु’ अंकित करा लें। इसके पश्चात्‌ उसे घर लाकर देव प्रतिमा की भाँति पूजें और पूजा की अलमारी में आसन पर प्रतिष्ठित कर दें। आसन का वस्त्र नीला होना चाहिए।

एक सप्ताह बाद अगले शनिवार को शनिदेव का व्रत रखें। सन्ध्या समय पीपल के वृक्ष के नीचे शनिदेव की पूजा करें और तेल का दीपक जलाकर, शनि मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें। एक माला जाप पश्चात्‌ पुनः अंगूठी को उठाएँ और 7 बार यही मंत्र पढ़ते हुए पीपल की जड़ से स्पर्श कराकर उसे पहन लें। यह अंगूठी बीच की या बगल की (मध्यमा अथवा अनामिका) उँगली में पहननी चाहिए। उस दिन केवल एक बार संध्या को पूजनोपरांत भोजन करें और संभव हो तो प्रति शनिवार को व्रत रखकर पीपल के वृक्ष के नीचे शनिदेव की पूजा करते रहें। कम से कम सात शनिवारों तक ऐसा कर लिया जाए तो विशेष लाभ होता है। ऐसे व्यक्ति को यथासंभव नीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए और कुछ न हो सके तो नीला रूमाल य अंगोछा ही पास में रखा जा सकता है।

इस अश्व नाल से बनी मुद्रिका को साक्षात्‌ शनिदेव की कृपा के रूप में समझना चाहिए। इसके धारक को बहुत थोड़े समय में ही धन-धान्य की सम्पन्नता प्राप्त हो जाती है। दरिद्रता का निवारण करके घर में वैभव-सम्पत्ति का संग्रह करने में यह अंगूठी चमत्कारिक प्रभाव दिखलाती है।

49s टिप्पणियाँ »

  1. Anand Jeewan Sharma said

    these all mantras very helpfull to whos believe in Tantra Sadhana. Thanks a lot
    Anand Sharma
    Jaipur (Rajasthan)

    • rajender said

      A.s Pudir ji vakai aap kam kable tarif hai .. jis tarha ka aapsodh kar ke iss vidhya ka purnjanam kar rahe vakai tareef k layak hai .. maine bhi kafi sodh kiya hai iin chhezo ke baare main . muslim se lekar tibatti tak .. lekin maine blog nahi banaye issliye ki muze nahi patta tha ki mere jaise sochne wale aur bhi hai … tantra mantra ek vigyan hai lekin kai log iss andhvishwas manate hai . jo apne ko modern kahlate hai, iini modern logo main ek baat kahna chahta hoo , DISCOVEY Channel Par ek Show The haunting jisme Aatmo aur adursh saktiyo real story par adharit hota hai .. Un MOdern logo se poochhna chahta hoo ki yeh sab Andhvishas hai to USS SCIENCE channel par aise SHOW kya kar rahe? yeh bhi puri tarha VIgyan he lekin log bina jane soche isse kori kalpana samaz jate hai .. Agar kisi chhez ke baare me patta nahi hai to uss cheez ke bare me kya kahna? Agar kisi ko iss baare charcha karni hai to MOST WELCOME mere paas bhi GYAN ka bhandhar hai …
      rajendermehar@gmail.com
      09911571555

  2. Anand Jeewan Sharma said

    please mail me ( Vivah Badha Mantra) if posiable

  3. madan said

    give all mater in hindi and sanskrit in hindi font

  4. sandeep sharma said

    sent more mantra tantra for help
    please.

  5. SKM said

    Provide me mantra for getting back my love.

  6. उत्तम तंत्र का लेख है ,

  7. Abhay Kumar said

    Savi Tantrar shi hai aur achuk bhi

  8. harmesh gupta said

    plese tell me that doorva ko kis kis devi devta ko arpit kiya ja sakta hai aur iski kaya mahatata hai

  9. RS said

    Please tell me the whole procedure of gandhaarv raj chetnaa prayog.what article i would need for this prayog?also if you can pls help what sadhna would i do so that i can find a boy according to my choice.

    Thanks

  10. RSdel said

    Please tell me the whole procedure of gandhaarv raj chetnaa prayog.what article i would need for this prayog?also if you can pls help what sadhna would i do so that i can find a boy according to my choice.

    Thanks

  11. dr rajshri said

    pls send me an email id to correspond and a telephone num i love what i have read

  12. rajender said

    namo narayan … dharam bhai g ,
    lekh kafi uttam hai … jis lekh me ghode ke naal k baare me likha gaya hai .
    uska kafi achha hai lekin ek BAAT HIA KI JO ANGUTHI MAIN JO MANTRA LIKHWANA HAI WO , ‘शिवमस्तु’ HAI YA KUCHH AUR? KYO KI SHANI G K UPASNA MAIN SHIV MANTRA LIKHNA HAI … PLZ MERI SHANKA DOOR KIJIYE ..AAPNE YEH LEKH KAHA SE UPGRADE KIYA HAI ….
    rajendermehar@gmail.com

  13. devang said

    bahut hi achchha lekha he
    pls mail 2 me shigravivah mantra
    devgopu@yahoo.co.in

  14. D.P.TIWARI said

    IN KEKHON KIJITANITARIF KI JAY KAM HAI.

    THANKS
    D.P.TIWARI

  15. D.P.TIWARI said

    IN LEKHON KI JITANI TARIF KI JAY KAM HAI.

    THANKS
    D.P.TIWARI

  16. rakesh said

    pls. cont. me at 9350837578

  17. jai kant sharma said

    mujhe ek satguru ki aavshaykta hai. parantu is chalaki bhari duniya main kis ko guru banaoun, yeh samajh main nahin aaa raha. koi hai jo kisi satguru ka pata bata sake jiske sannindhya main koi siddhi ki ja sake.

  18. please send this pege my email

  19. Santosh Agrawal said

    Please koi mujhe batae ki Pipal ko kis din nahi katna chahiye???

  20. abhishek anand said

    thanks for adding such type of knowledge .these are the soul of India .if it is possible then send sutch type of knowlage in my email id……..

  21. vivek sharma said

    please any person help me

    mai ek mathe par lagane wala tilak banana chahata hon. koi mujhe usme use hone wale meterial ke bare mai batye . sath he har meterial ka effect ke bare mai batye .
    mai aap sabhe ka thanks kehena chahta hon jo etne aache comments likhte hai

    pls give reply . my id is pandat_pandit@yahoo.co.in
    mob. +91 9411683326

  22. Ashok Bhalla said

    please any one can convey me the much effectuve remedies to get rid of tantrik bandhan. as my daughter (14 years) is badly effected – one shamshani tantrik has applied the tantrik bandhan on her and she is feeling some sort of electric waves travels into her brain since last 5 years. All medical reports are ok. For the god sake please help the poor father. I want my daughter to be alright and her normal condition.

    please contact me at 09871179379 phone or e-mail the solutions at ashok_bhalla123@rediff.com.

    Bhagwan app to bhala karay

    thanks

  23. vishnu said

    sir
    mera nam vishnu dutt hai aur mai ek ladki se bohot par karta hu aur humlog 5 ya 6 se ek dusre se pyar karte hai lkin galti se maine usse gusse mai kha diya ma pya nahi karta uske baaad se vo muze bat karne ke liye mana karti hai aur maine pucha tum muse pyar karti ho to khati hai par timne gusse me jo kaha vo mai kabi nahi bhulung plz muze kuch batye main din rat uske bare me hi sochta hun uske bina kuch b aacha nahi lagta kuch upaye bataye jo jaldi asan aur labhdayak rahega mai in cijo par wishwas to karta hu par mze aesa lagta hai ki ye safal hwa kun nahi meri help kijye sir plz i will die without her

  24. Lalit D Patidar said

    Respected Sir,
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    00971 501275985.
    ldp_lt@yahoo.co.in

  25. ajay said

    Hindu dharm ke anusar Paath aur Hawan karne ki vidhi kripya e-mail kar den,

  26. om

  27. lokesh said

    NAmaste aspunder jee. main moksh ki raah par chalna chahta hun. kripya koi aisa saral upasana ka naam bataye jise koi grihasth kar sakta ho.bina guru deeksha ke. lokesh123456789@yahoo.co.in
    ho sake to pustak aur prakashak ka naam batayen.

  28. my date of birth 31-12-1969 time 4.00 am (aprox) place : chhattar pur madhay pradesh
    tell what is my bussiness future in travel line. what is the political carrier

  29. pooja said

    mujhe mere husband se divorce chahiye es ke lie koi mantra batlaven

  30. kripya koi aisa mantra vatao ki mushe sabhi log nafrat karte hai voh sabhi log mushe pyar kare

  31. janeshwar kr sherwal said

    pt ji jai mata di pt. kirpya mujhe apne sare tanter manter yanter aivam sari pujan vidhi aivam havan kirya vidhi aur jyotish ki anya jankari bhejne ki kirpa kare pt.ji mujhe dharmick karye karmo main aivam jyotish main bhahut ruchi hai aur main ek social worker bhi hun main hamesha jankalyan chahta hun pt.ji jo bhi ap mere pass jankari bhejonge vo hi jankari main jarurat mand logo main unki samsya hetu samadhan ke liye bant dunga ishliye pt.ji ukat jankari bhejker mujhe kirtarth kare main apka abhari rahunga apka prarthi jk sherwal mera mail id jksherwal@yahoo.in dhanyavad

  32. khemchand sahu said

    mai samaj ko purn rup se sudharna chahta hoon, par iske liye mujhe gupt ashakti ya mantra chahiye , kripya madad kare , har taraf mai prem failana chahta hoon,

  33. jyoti sherwal said

    pt ji namaskar pt ji main b com ke exam de raha hun mera ek paper busines law ka sahi nahi gaya hai guru ji koi asan sa upai batane ki kirpa kare jo ki main b. com ke exam main pass ho jaunga apki ati mahan kirpa hogi ya koi yesa manter batayega jismain safal ho jaun main bahut aabhari rahunga sherwal metri email id-jksherwal@yahoo.in per upai bheje

  34. jyoti sherwal said

    pt ji namaskar , main apse ek upai janna chahti hun ki koi bhi aadmi kai bichchhor jai ya gum ho jai usko vapis ghar bulane ka asan sa manter ya upai batai meri mail per bheje jyotisherwal@yahoo.in

  35. om hum hnumte rudrta mkaya hum phat please i want doing tantra

  36. savita said

    mera institue h mera d.o.b-27 oct 1983 h or mai jaanna chati hu ki mera business success hoga ya nhi

  37. bharat said

    Padha kar acha laga

  38. satish said

    mai b sodh kar raha hun chhattisgarh ke tantra par, parinam utsaah janak hain.

  39. Sunil Kumar sharma said

    I am trubling by the financial problem and not geting success in my career. I have done so many poojas.

    If you have a simple and perfect sadhana to solve my problems pls send to my mail
    i will be very thankful to you

  40. ganesh meshra said

    me jisse pyar karta hu uski shadi ho gayi he use tudvana he kyoki vo mere sath rahna chati he please reple meri sagai bhi todvana he

  41. guruji,mera d.o.b.20.08.1962 hei.mei dr. hu.lekin dhandha mera nahi chakata.roj kamana roj khana hei.koi upay ya totka ya koi mantra batye jis se is umra me kuchh to kama lu.meei aap ke e-mail ka intezar roj malane tak karata rahunga.thanks.

  42. leena singh said

    pt.ji i am fedup with my sister-in-law and mother-in-law ,they get work done aganist me and my husband through bad tantrik , the effect is so bad that my husband starts behaving too badly and losses all the emotions for me and my daughter ,he stops giving me respect and money. pls help me.
    i even get attacked at night,i fell that somone is trying to kill me by stopping my breath.i get afraid like anything pls helpme, is there any remedy to get rid of it

    • Vishal Shimpi said

      Deer Leena Plz follow nirshih kavach for the same and it can be done easily.

      Remember if the probelm is geniune then only do it if use it in bad ways it will harm you

      Every night light a lamp near a well (Kuwa) apni incha is dipak par bole and then keep it with sarso ka tel and bati apne hat se bacni huyi and the start reciting nirshih kavach every ni8 for atleast 108 times daily sitting towards north

      Roj ghar mei gomutra ka chidkaw kare , go mutra na ho th pani mei hing milake chidke chidakte huye sri nrisiha manta ka jaap karte huye pure ghar chidke…

      jaise hi ghar mei enter hote ho th samne Hanuman ka ek ugra tasweer lagayi jaye jisme hanuman ladhne ke liye tayyar ho and uske thik opposite wall par hanumanji ke photo ke samne Ganesh ji ka baitha hu photo lagaye

      pati patni and bachho ke hato se har roj chawal ,apne sar se utar kar , jitni iccha ho utne hi har roj dan kare , , gau and kutte ko apne anna mei se har roj thoda niwala de..

      within 1 month you can feen the diffrence

  43. jitu said

    mujhe gorochan kaise mil sakta hai aur gorochan kaise pahachana jaa sakta hai, woh kaise dikhata hai?
    mail me please!

  44. viren said

    Thank you Sir.

  45. Abhinav said

    swami ji aapne in tantro mantro ka bahut hi achuk aur durlabh sadhno ko logo lo batakar bahut hi kabil-e-tarif kaam kiya hai.mai bhi in chijo par vishwash karne wala ek sadhak hu. halaki mai ek student hoo par mai bhi kuch is chetra me kuch sikhana chahata hu jisase logo ki choti -moti jarurato ko pura kar sake. ok “””””dhanyawaad””””

  46. natasha said

    pls bataye meri life kesi rahegi

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